एक और कश - तेन्दु पत्ते में भर लाल सलाम

चलो....
आज एक बार
जीवन को सजोकर
आगे बढ़ने की
साथ साथ चलने की
लत को छोड़कर
शान्ति को झुलस कर
विकास को ध्वंस कर
हथियारों की चमक में
गोलियों की तड़तड़ाहट के साथ
गोले-बारूद की मदमादी गंध में
डॉन बनने से लेकर
रक्त पिपासु बनने तक की
खुद अपने ही जन को
प्रताड़ित शोषित करने की
दौड़ में चल पडूँ

और
घर-परिवार,गाँव- समाज को
अन्तिम बार याद कर
उसे
तेंदू पत्ते में भर
धागे से लपेट दूँ
कस कर

फिर
सुलगा के उसे
लगाऊँ एक लंबा सा कश
चिंगारी को फूंक मार
लौ के साथ धधका कर
फूँक छोडूं 
अपनी हिंसक उमंगों को
गहरे काले धुँए के साथ
अपने सीने की
नफरत भरी जलन में
और
चीख चीखकर कह दूँ
सारी बस्ती, टोला-मोहल्ला
और गाँव जवार को
लाल - सलाम !
किस्टारम, सुकुमा माओवादी ऐम्बुश में  एंटिमाइंस वेहिक्ल, ९ जवान शहीद 
लो
राह पकड़ ली हमने भी
कश ले लेकर
बीड़ी की तरह
अपने ही जीवन
और तुम्हारे भी जीवन को
पीना.....
लाल सलाम !!

एक और कश
तेन्दु पत्ते में भर
लाल सलाम!लाल सलाम!!
13 मार्च 2018