धर्म क्षेत्रे ...... राजनीति क्षेत्रे ......

मुग़लिया बहासीपना बन्द करो

..…...यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते
आज का रावण बहसी हो चला है
कल से ज्यादा शातिर सयाना
मुग़लिया बहासीपना से भी आगे 
हो चला है दुर्योधन
समय के साथ रावण और दुर्योधन
ज्यादा क्रूर और सावधान हो चले हैं
हर बलात्कार के बाद हत्या
बड़े सावधानी से मिटा दिए जाते हैं
हर साक्ष्य और निशान को

लंकेश विवश था
सीता के सौंदर्य सौष्ठव देखकर
सियासत के पासे पर द्रौपदी लग गयी थी
पर आज की सीता
बहुत छोटी हो चली है
आठ वरस की बंजारन है
या फिर
बारह वरस की कोई किशोरी है
अभी देह सयानी भी नही है

हजारों लाखों
विलखते राम और कमजोर कृष्ण
चुपचाप चल रहे हैं
जलती मोमबत्तियों के साथ
हो सकता है
इनके बीच भी अनेकों दुःशासन
दुर्योधन के नेतृत्व में
सिधैया-सीतापुर  से कठुआ-कश्मीर तक
सियासत करने तो नहीं आया
एक शान्त, कोमल , मासूम चेहरा
बोल पड़ा - सुनो ! चुप रहो !!
किसने क्या बयान दिया
धर्म क्षेत्रे .... राजनीति क्षेत्रे...
........... रमन्ते तत्र देवताः
13 April 2018