पत्थर भी बात करते हैं

कोणार्क दर्शन के समय रचित ......

पत्थर भी बात करते हैं
बोलते हैं उन खंडहरों के
जो आज उजड़े बियाबान
गिरे बिखरे दिखाई पड़ते
अपने वैभव पतन की
अनकही कहानी सुनाते
जब कोई एकाकार हो उनसे
शान्त चित मन स्थिर बुद्धि से
उनकी तरफ देखे समझे
जब कोई बात करने वाला हो
तो पत्थर भी बोल पड़ते 
पुरे दिन कोर्णाक घुमने के बाद
ठाकुर रविन्द्र नाथ बोल पड़े 
"आपने क्या देखा" पूछने पर
"मैं पत्थरों से बात कर रहा था
उनसे साकार होकर "
19 July2015

Konark Sun Temple Architecture