कविता

बदलाव
महात्रासदी
क्षणिकाएँ
वह लौटा भी, लौटने जैसा नहीं
सद्यः - भंगुर जीवन
विचारशून्य विपक्ष
जीवन की संक्रान्ति
लॉकडाउन
विचरता मन
मैं कवि हूँ
बेसब्र-ठहराव
नव-वसंत
जीवन-समर
को रुदति महीतले
एकान्त / आत्म-कल्याण
निर्मल प्रेम में
चोटिल प्रौढ़ाएँ
पूर्णाहुति
बंजारा भ्रमर
बहुत खुश था मैं
आँगन की अरगनी
घाव
देवतुल्य
उमस
नव जीवन
भीड़ की परछाईं
महुआ
मन-गीत
असमंजस
डाकिया
जो किस्सा लिखना बाकी है.....
सत्य और शाँति
मौन
कुछ सत्य
मुक्तादल जल बरसो
शून्य और प्रतीक्षा
नवधा भक्ति
आकांक्षा
दिल से गयी दिल्ली
शेष-अशेष
जीवन का मिठास
मझधार
तो तू बैरी है
सन्नाटों का शोर
मन - कबीरा
स्त्री
छुआ - अनछुआ मन
दर्द का अनोखा एहसास
एकाकी ... भटकता मन
सुख - दुःख
विलोप
प्रीति की रीति
बोधमें - निर्बोधमें
ठिठुरन
अनर्थ
*श्रद्धाञ्जलि ... वीर बलिदानियों को*
ग़रीब का क्रिया पद
पतझड़
खेत-किसान-कर्ज़
निश्छल मन
आँसू
सर्दी की बारिश
हर रेत चुभती है
अच्छे हैं सब
रूहानी रिश्ता
छलवा
रहगुज़र
अपनी विरासत .... अपने कंधें
कैनवास
अनुपम मिठास
स्नेह की प्रत्याशा
आरक्षण
वो अंतर्देशीय पत्र
आओ भारत बन्द करें
कर्मयोग
यात्रा -एक कविता की
व्यक्तित्व की उलझन
घर
क़लम की पूर्णाहुति
ख़ामोशी ही बेहतर है
अपनी -अपनी
दिवा एक यथार्थ
गुज़री ज़िन्दगी
मोक्ष
काल के गाल से
साथ_संवाद की कूटनीति
उमंगों में गीत ही जीवन है
अंधेरे पर हँसता हूँ
मीडिया, मोमबत्ती और हम
लोकतंत्र का दारुण दुःख
धर्म क्षेत्रे ...... राजनीति क्षेत्रे ......
स्मृति शेष
कुछ कही थोड़ी अनकही
अ-घोर
शोर की परछाईं
एक और कश - तेन्दु पत्ते में भर लाल सलाम
एक वध और
यथार्थ का अंतर्मन
संवेदनाओं से परे चौंकाचौंध
सर्दियों की रात
विस्मृति
एक लम्बा अरसा
ज़मीं से आस्माँ तक
पत्थर भी बात करते हैं
उथल - पुथल
ख़ामोशियाँ ही बेहतर
दर्द
मेरा अक्स
एक गहरी साँस
यारों की याद में
कन्या भ्रूणहत्या
बुनो एक पूरी कहानी
एक थी मीरा
पत्थर में शिवत्व
कश्मीर के भूकम्प पर
उत्तर प्रदेश 2015
दुविधा में यूरोप
खोजता किनारा
विचारों की ही झाँकी है
शब्दों की चाल
मैं ही मेरा नहीं हूँ।
देश प्रेम बनाम आतंक
पंथ प्रथम
गुजर जायेगा ये दौर भी
निजता की ओर लौट चलें
मौत की आग़ाज़
निज़ाम
पुरुषार्थ आत्मज दर्द
बिता मधुमास
परिवर्तन की आस
क्रंदन
लाहौर की सिसकियाँ
लोकपाल
गुड़हल के फूल
विवर्त
तज़रूबा
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