आँगन की अरगनी

आँगन की अरगनी पर
कुछ सूख रहें हैं वस्त्र
पुरुष के धोती और क़मीज़
फैले है पूरी चौड़ाई में ।

सलवटों में सिमटकर
टंगी है औरत की साड़ी
लड़की के सूट को
किनारे कर
टंग गयी है लड़के की जींस
झुक गयी है जिससे पूरी डोरी ।

जिससे बाँधी गई है डोरी
उस बाँस पर
लहरा रहें हैं पुरुष अंतःवस्र
पर दिखायी नहीं देते जनाना अंतःवस्त्र
वो ज़रूर छुपाये गए होंगे
टंगे कपड़े के नीचे या तौलियों में लपेटकर।