आँसू

जब एक आँसू लुढ़का
तब उठ कर चल दिया
और गिरे भी लड़खड़ाए भी
और सम्हले भी
ऐ मालिक तू भी
कुछ करतब दिखा
एक बार दबा 
रिमोट जिंदगी का.....
बटोर लाएंगे एक बार
फिर से ताकत वही
कि रोने के बाद 
कैसे मुस्कुराएंगे
खिलखिला कर हंसना
सीख आएंगे
उड़ती उड़ानों और 
ख्वाहिशों की पतंग
को आसमाँ दिखाएंगे।