उमस

यादें हैं आज भी, कल की भी
पर तुम्हारा साथ
एक ख़्वाहिश है 
अभी की,और 
बीते हुए हर पल की।
 
जब वख्त बदलता है
ठहर सा जाता हैं
हर सोच, चाहना
पूछता है हाल
तब स्वप्नों, कल्पनाओं का सिलसिला
अनवरत यूं ही
साथ साथ चलता है। 
 
कितना निर्दयी है
ये वख्त भी
जीवन को जीवन
जीवन भर छलता है।