मन-गीत

गोधूली में कहीं दूर झिलमिलाती,
धुँधिल परछाइयों के गीत लिखूँ ,
स्यालों झींगुरों के बोल के गीत लिखूँ..!!


चंचल-मन-हिरण का मैं गीत लिखूँ,
प्रीत भरी भोली उमंगों का गीत लिखूँ,
लाज की गद-गद तरंगों का गीत लिखूँ..!!


भोर की पहली किरण के गीत लिखूँ ,
रोशनी के बाँकेपन की गीत लिखूँ ...!!


प्रात की शीतल हवा का गीत लिखूँ,
अंग सुरभित करने का गीत लिखूँ,
स्वर्ग की सौगात मिलने का गीत लिखूँ..!!


नर्म टहनी की लचक के गीत लिखूँ ,
कली की पहली चटक के गीत लिखूँ ,
जले चूल्हें की आँगन के गीत लिखूँ ..!!


नव-आभरण ओढ़ झुमती डालों का गीत लिखूँ,
हर्ष-पुलकित-मुदित वातावरण का गीत लिखूँ,
उषा की सुनहरे रंग-भरी वसुधा का गीत लिखूँ..!!


गीत लिखूँ फसल की अंगड़ाईयों के ,
फूल की बजती हुई शहनाइयों के ,
समय के सच्चे सृजन के गीत लिखूँ..!!


भोर की पहले किरण का गीत लिखूँ ,
भोर की सिहरन का मन-गीत लिखूँ,
ठिठुरन में पार्थक्य का मन-गीत लिखूँ..!!