विचारशून्य विपक्ष

आदमी
मरने के बाद
कुछ नहीं सोचता।
 
आदमी
मरने के बाद
कुछ नहीं बोलता।
 
कुछ नहीं सोचने
और कुछ नहीं बोलने पर
आदमी
मर जाता है।
 
वाक़ई
आज विपक्ष के पास 
न कुछ
सोचने के लिए है 
और न 
बोलने के लिए है